छठी स्थिति -1. श्वास भरते हुए शरीर आगे लाए | (एड़ी से सिर तक शरीर सीधा )
2.घुटने, छाती ,माथा आसन से लगा दें | (नाभि हल्की सी उठी हुई )
3. श्वास सामान्य रखें | (धरती माता को नमन की स्थिति )
4. ध्यान अनाहत चक्र पर | (ह्रदय के पीछे रीढ़ पर )
लाभ - 1. मस्तिष्क में ह्रदय से सीधे रक्त की पूर्ति | 2. समर्पण की भावना |
3. ज्ञान को ग्रहण करने की शक्ति अधिक होती हैं |
4.फेफड़े और भुजाएं मजबूत होती हैं |
यदि आपके मन में कोई प्रश्न है तो हमें जरूर बताए या हमें सीधे -सीधे मेल करें और रोज़ाना योगा ब्लिस पेज पर लिखना यन भूले |
Mail-Id= kavitamukesh1973@gmail.com
Phone Number= 8459444497
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